परिसर
आईसीएआर-केंद्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान (ICAR-CIFE) के दो परिसर हैं – पुराना और नया। पुराना परिसर यारी रोड पर स्थित है तथा नया परिसर पंच मार्ग पर स्थित है। पुराने परिसर में तीन मंजिला कार्यालय भवन, एमएफएससी छात्रावास, स्टाफ एवं वैज्ञानिक आवास उपलब्ध हैं। नए परिसर में छह मंजिला कार्यालय भवन, निदेशक एवं कुलपति आवास, अधिकारी आवास (टाइप-IV एवं V), आधुनिक इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, एक्वाकल्चर कॉम्प्लेक्स, पीएचडी छात्रावास, छात्राओं का छात्रावास, अंतरराष्ट्रीय अतिथि गृह, खेल मैदान, टेनिस कोर्ट, सभागार तथा जलीय जैव विविधता संग्रहालय आदि स्थित हैं। दोनों परिसर एक-दूसरे से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं।
मुंबई स्थित मुख्यालय के अतिरिक्त आईसीएआर-सीआईएफई के पाँच क्षेत्रीय केंद्र कोलकाता (पश्चिम बंगाल), काकीनाडा (आंध्र प्रदेश), पवारखेड़ा (मध्य प्रदेश), रोहतक (हरियाणा) तथा मोतीपुर (बिहार) में स्थित हैं। संस्थान के पास प्रशिक्षण एवं अनुसंधान हेतु एम.एफ.वी. नर्मदा नामक पोत भी उपलब्ध है।
प्रयोगशालाएँ
- सजावटी मछली एवं विशाल मीठे पानी के झींगा हेतु हैचरी/नर्सरी
- मत्स्य एवं मोलस्कन जीवविज्ञान तथा वर्गिकी प्रयोगशाला
- जैव प्रौद्योगिकी एवं आणविक आनुवंशिकी प्रयोगशाला
- जैव रसायन, पोषण एवं फीड निर्माण प्रयोगशाला
- रोग निदान एवं सेल कल्चर प्रयोगशाला
- मत्स्य प्रसंस्करण एवं गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला
- बायोइन्फॉर्मेटिक्स प्रयोगशाला
- शैवाल वर्गिकी एवं संवर्धन प्रयोगशाला
- इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी सुविधा
पुस्तकालय
सीआईएफई का राष्ट्रीय मत्स्य एवं संबद्ध विज्ञान पुस्तकालय विशाल परिसर में स्थित है और अध्ययन एवं साहित्य खोज के लिए शांत वातावरण प्रदान करता है। पुस्तकालय में पुस्तकों, शोध पत्रिकाओं एवं ऑनलाइन डेटाबेस का समृद्ध संग्रह उपलब्ध है। ऑनलाइन पब्लिक एक्सेस कैटलॉग (OPAC) के माध्यम से उपलब्ध प्रकाशनों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। पुस्तकालय में लगभग 35,000 पुस्तकें, 135 ई-पुस्तकें तथा लगभग 100 भारतीय एवं विदेशी पत्रिकाओं की सदस्यता उपलब्ध है। पुस्तकालय का डिजिटल अनुभाग 28 कंप्यूटर टर्मिनलों से सुसज्जित है, जो LAN एवं इंटरनेट सुविधा से जुड़ा हुआ है।
जलीय जैव विविधता संग्रहालय
आईसीएआर-सीआईएफई संग्रहालय में विभिन्न प्रकार की मछलियों, शेलफिश तथा अन्य जलीय जीवों का आकर्षक संग्रह उपलब्ध है, जिन्हें संस्थान द्वारा आयोजित समुद्री भ्रमण कार्यक्रमों के दौरान एकत्रित किया गया है। संग्रहालय में लगभग 550 जलीय प्रजातियों का संग्रह है, जिसमें मछलियाँ, क्रस्टेशियन, समुद्री शैवाल, मैंग्रोव एवं अन्य अकशेरुकी जीव शामिल हैं। यहाँ मत्स्य उपकरणों एवं नौकाओं के मॉडल भी प्रदर्शित किए गए हैं।
संग्रहालय में आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी भी उपलब्ध है, जिसमें वर्चुअल रियलिटी (VR) एवं ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) तकनीकों का उपयोग किया गया है। यह छात्रों, शोधकर्ताओं एवं आम नागरिकों को जलीय जैव विविधता के बारे में इंटरैक्टिव एवं शैक्षणिक अनुभव प्रदान करता है।
खेल एवं मनोरंजन सुविधाएँ
सीआईएफई में खेल एवं मनोरंजन हेतु आधुनिक बैडमिंटन कोर्ट, जिम्नेजियम, टेनिस, वॉलीबॉल एवं बास्केटबॉल कोर्ट तथा टेबल टेनिस, शतरंज, कैरम एवं स्नूकर जैसी इनडोर खेल सुविधाएँ उपलब्ध हैं। संस्थान के छात्र एवं कर्मचारी आईसीएआर स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं और विभिन्न पुरस्कार एवं पदक प्राप्त करते हैं।
एक्वाकल्चर कॉम्प्लेक्स
एक्वाकल्चर कॉम्प्लेक्स में नवीनीकृत सार्वजनिक एक्वेरियम में विभिन्न प्रकार की मछलियों के 39 एक्वेरियम प्रदर्शित हैं, जो विद्यार्थियों एवं आगंतुकों को आकर्षित करते हैं। यह एक्वेरियम कार्य दिवसों में आम जनता के लिए खुला रहता है।
यहाँ मनोरंजक एंगलिंग एवं स्पोर्ट्स फिशिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त कॉम्प्लेक्स में आधुनिक पुनर्चक्रणीय जलीय कृषि प्रणाली (RAS), एक्वापोनिक्स इकाइयाँ, बायोफ्लॉक प्रणाली तथा आउटडोर पालन सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जो इसे शिक्षा, अनुसंधान एवं जन-जागरूकता का महत्वपूर्ण केंद्र बनाती हैं।
क्षेत्रीय केंद्रों पर फार्म प्रदर्शन सुविधाएँ
आईसीएआर-सीआईएफई के पाँच क्षेत्रीय केंद्र कोलकाता, काकीनाडा, पवारखेड़ा, रोहतक एवं मोतीपुर में स्थित हैं। संस्थान के अंतर्गत पवारखेड़ा में 20 हेक्टेयर मीठे पानी का मत्स्य फार्म, बालभद्रपुरम में 9 हेक्टेयर मीठे पानी का मत्स्य फार्म, काकीनाडा में 7.5 हेक्टेयर खारे पानी का मत्स्य फार्म, रोहतक में 4 हेक्टेयर मीठे पानी एवं 10 हेक्टेयर लवणीय जल फार्म तथा मोतीपुर में 6 हेक्टेयर मीठे पानी का मत्स्य फार्म उपलब्ध है।
ये सभी केंद्र एक्वाकल्चर के विभिन्न क्षेत्रों में उद्यमिता आधारित प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं प्रदर्शन गतिविधियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं। संस्थान की अधिकांश विस्तार एवं प्रशिक्षण गतिविधियाँ इन्हीं क्षेत्रीय केंद्रों के माध्यम से संचालित की जाती हैं।
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पृष्ठ अंतिम अद्यतन तिथि:13-05-2026 03:57 PM
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